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February 22, 2008http://funda-today.blogspot.com
साइड इफेक्ट से सावधान रहें
अमेरिका के हऊस्टन शहर में एक व्यक्ति ने जब होटल के अपने कमरे में प्रवेश किया तो वहां एक कंप्यूटर सिस्टम देखकर वह काफी खुश हुआ। उसने तुरंत अपनी बीवी को ई-मेल करने का निश्चय किया। लेकिन दुर्भाग्य से वह ई-मेल उसने एक ग़लत ई-मेल पते पर भेज दिया।
ठीक इसी समय सेन फ्रांसिस्को नामक एक दुसरे शहर में वैधव्य को प्राप्त हुई एक महिला अपने पति का अन्तिम-संस्कार करके लोटी ही थी। उसने अपना ई-मेल चेक करने की इक्षा से कंप्यूटर को लॉग-आन किया। दरअसल वह अपने सगे-संबंधियों और मित्रों द्वारा भेजी गई शोक-संवेदनाओं के आने की उम्मीद कर रही थी।
उसने ई-मेल बॉक्स खोला तो कई सन्देश दिखाई दिए लेकिन हाउस्टन से भेजे गए इस व्यक्ति के ई-मेल सन्देश को पढ़ते ही वह मूर्छित है गई। उसका बेटा तेजी से अपनी माँ को संभालने दुसरे रूम से भगा-भगा आया। उसकी माँ फर्श पर गिरी अपनी अन्तिम सांसें गिन रही थी। बेटे की नज़र कंप्यूटर स्क्रीन पर गई, जहाँ पर लिखा था:-
प्रति: माई डार्लिंग,
विषय: मैं सुरक्षित पहुँच गया।
दिनांक: १८ दिसंबर २००६
- मुझे पता हैं, मेरे इस सन्देश को पढ़कर तुम बेहद आश्चर्यचकित होगी। अरे हाँ, तुमको इस बात के लिए ई-मेल किया है कि यहाँ पर इन लोगों ने काफी अच्छी व्यवस्था कर रखी हैं। यहाँ पर सब कुछ है- इंटरनेट से लैस कंप्यूटर भी। कम से कम मुझे यहाँ पर इस फैसिलिटी की तो कतई उम्मीद नहीं थी और एक बात यह भी हें की हमें अपने प्रियजनों को यहाँ से ई-मेल भेजने की इजाज़त भी हैं। में अभी-अभी यहाँ पहुँचा हूँ। यहाँ पर सब कुछ चेक कर लिया हैं। मेने देखा है की तुम्हारे कल के यहाँ आगमन के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। तुम्हारे आगमन की हार्दिक उम्मीद के साथ, तुम्हारा प्रिय हमदम पति,
यह घटना ठीक एक साल पहले घटी थी। उस महिला की मौत अगले दिन हो गई। ई-मेल में लिखी बात किसी और के लिए थी, मगर वह इस विधवा पर लागु है गई थी। फंडा यह है की आधुनिक वैज्ञानिक युग ने आदमी की सहूलियत के लिए बहुत संसाधन दिए हैं- जैसे की कंप्यूटर और इंटरनेट लेकिन इनके साइड इफेक्ट भी हैं, जिनसे हमें सावधान रहना चाहिऐ। उदाहरण के लिए अपने ई-मेल पते पर आये अवांछित संदेशों को सावधानी से देखें की ये आपके लिए है या नहीं? अगर है , तो किसी परिचित के हैं या गैर के। गैर के हैं तो इनका मकसद क्या है , आदि-आदि। उक्त महिला ने बगैर सच्चाई जाने दूसरे के ई-मेल को अपना समझ लिया। जिसका नतीजा उसे भुगतना पड़ा।